Last Updated May - 22 - 2025, 01:09 PM | Source : Fela News
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को हाल ही में फील्ड मार्शल का दर्जा दिया गया है, जिससे उनकी शक्ति और प्रभाव में वृद्धि हुई है। उनकी रणनीतियों और भारत
जनरल आसिम मुनीर का जन्म रावलपिंडी में हुआ था, लेकिन उनके परिवार की जड़ें भारत के जालंधर में हैं। उनके पिता, सैयद सरवर मुनीर, विभाजन के बाद पाकिस्तान चले गए थे। मुनीर की प्रारंभिक शिक्षा एक इस्लामिक मदरसे में हुई, और बाद में उन्होंने पाकिस्तानी सेना में प्रवेश किया। वे आईएसआई के प्रमुख और सैन्य खुफिया महानिदेशक भी रह चुके हैं।
मुनीर का कार्यकाल विवादों से भरा रहा है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ कार्रवाई की, जिससे उन्हें सत्ता से हटाया गया और बाद में जेल भेजा गया। मुनीर ने सेना में अपने विरोधियों को हटाकर वफादारों को नियुक्त किया, जिससे उनकी पकड़ मजबूत हुई।
हाल ही में, कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के पीछे मुनीर की भूमिका पर सवाल उठे हैं। इस हमले में कई नागरिकों की जान गई, और भारत ने इसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का उदाहरण बताया। मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है।
मुनीर की रणनीतियों और भारत विरोधी बयानबाजी ने उन्हें 'जिहादी जनरल' की उपाधि दिलाई है। उनकी नीतियों ने पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति और विदेश नीति दोनों को प्रभावित किया है। भारत के लिए, मुनीर की आक्रामकता एक चुनौती है, और दोनों देशों के बीच शांति स्थापना के प्रयासों में बाधा बन सकती है।
जनरल मुनीर की बढ़ती शक्ति और उनके कट्टरपंथी रुख ने दक्षिण एशिया में स्थिरता के लिए खतरा पैदा किया है। उनकी नीतियों और कार्यों पर नजर रखना भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए आवश्यक है, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।