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बैन के बावजूद भारत में पाकिस्तानी कंटेंट देखा जा रहा

बैन के बावजूद भारत में पाकिस्तानी कंटेंट देखा जा रहा

Last Updated Jan - 23 - 2026, 04:52 PM | Source : Fela News

भारत में प्रतिबंध के बावजूद पाकिस्तानी डिजिटल कंटेंट की लगातार खपत सामने आई है। इस पर निगरानी, राजस्व प्रवाह और राष्ट्रीय हितों को लेकर बहस तेज होती दिख रही है।
बैन के बावजूद भारत में पाकिस्तानी कंटेंट देखा जा रहा
बैन के बावजूद भारत में पाकिस्तानी कंटेंट देखा जा रहा

भारत सरकार द्वारा पाकिस्तानी डिजिटल प्लेटफॉर्म और कंटेंट पर लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद देश में इस तरह की सामग्री देखे जाने के मामले सामने आ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ड्रामा सीरियल, वेब कंटेंट और सोशल मीडिया वीडियो अब भी भारतीय दर्शकों तक पहुंच बना रहे हैं। सवाल उठाए जा रहे हैं कि तकनीकी प्रतिबंधों के बाद भी यह कंटेंट किस तरह भारतीय यूजर्स तक पहुंच रहा है और इससे जुड़े आर्थिक लाभ किसे मिल रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, कई पाकिस्तानी कंटेंट क्रिएटर और प्रोडक्शन हाउस थर्ड पार्टी प्लेटफॉर्म, मिरर वेबसाइट्स और सोशल मीडिया के जरिए भारतीय दर्शकों तक पहुंच बनाए हुए हैं। बताया जा रहा है कि VPN और अन्य तकनीकी उपायों के जरिए भी यूजर्स प्रतिबंधित कंटेंट तक पहुंच बना रहे हैं। इससे न केवल सरकारी आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि डिजिटल मॉनिटाइजेशन को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।

इस बीच सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ पाकिस्तानी डिजिटल कंटेंट में प्रोपेगेंडा और राजनीतिक संदेश शामिल होने के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि प्रतिबंधों को दरकिनार कर इस तरह की सामग्री का प्रसार राष्ट्रीय सुरक्षा और सूचना युद्ध के लिहाज से चुनौती बन सकता है। हालांकि, इस संबंध में किसी ठोस मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

वहीं दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि सूचना प्रौद्योगिकी कानूनों के तहत प्रतिबंधों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। संबंधित एजेंसियां डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ समन्वय कर अवैध कंटेंट की पहचान और उसे हटाने की कार्रवाई कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, जैसे-जैसे नए तरीके सामने आ रहे हैं, निगरानी तंत्र को भी अपडेट किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि विज्ञापन और व्यूअरशिप से होने वाली कमाई को लेकर भी बहस जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रतिबंधित कंटेंट से राजस्व अर्जित हो रहा है, तो उसे रोकने के लिए तकनीकी और कानूनी दोनों स्तरों पर कड़े कदम जरूरी हैं। फिलहाल यह मुद्दा डिजिटल स्पेस में निगरानी, प्रतिबंधों की प्रभावशीलता और दर्शकों की भूमिका को लेकर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।

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