Last Updated Jan - 10 - 2026, 12:12 PM | Source : Fela news
ईरानी डॉक्टर के दावे ने खोली सुरक्षा बलों की क्रूर कार्रवाई की परतें
ईरान में जारी विरोध-प्रदर्शनों को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला दावा सामने आया है। तेहरान के एक डॉक्टर ने कहा है कि सिर्फ राजधानी में ही 217 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से ज्यादातर की जान गोलीबारी में गई। यह दावा ऐसे समय में आया है, जब ईरान की सरकार लगातार यह कह रही है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
डॉक्टर के मुताबिक, तेहरान के कम से कम छह बड़े अस्पतालों में विरोध प्रदर्शनों के दौरान घायल और मृत लोगों को लाया गया। इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की थी, जिन्हें सीधी गोली लगी थी। उनका कहना है कि हालात इतने खराब थे कि कई शवों को ठीक से दर्ज भी नहीं किया गया और परिवारों पर चुप रहने का दबाव बनाया गया।
बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में ईरान के कई शहरों में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज हो गए थे। इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए सुरक्षा बलों ने सख्त कार्रवाई की। डॉक्टर का दावा है कि सेना और सुरक्षाबलों ने बिना चेतावनी के गोलीबारी की, जिससे आम नागरिकों की जान गई। मरने वालों में युवा, महिलाएं और कुछ बुजुर्ग भी शामिल बताए जा रहे हैं।
ईरानी सरकार की ओर से अब तक इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सरकारी बयान में सिर्फ इतना कहा गया है कि कुछ लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं, लेकिन वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा होने का दावा किया जा रहा है। मानवाधिकार संगठनों ने भी पहले संकेत दिए थे कि ईरान में मौतों का आंकड़ा दबाया जा रहा है।
डॉक्टर ने यह भी कहा कि अस्पतालों में सुरक्षा एजेंसियों की मौजूदगी थी और मेडिकल स्टाफ को मीडिया या बाहरी लोगों से बात करने से रोका गया। कई मामलों में घायलों को समय पर इलाज नहीं मिल पाया, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई और मौत हो गई।
इस दावे के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ सकती है। पहले ही ईरान पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगते रहे हैं और अब अगर ये आंकड़े सही साबित होते हैं तो सरकार पर दबाव और बढ़ सकता है।
फिलहाल, तेहरान समेत कई इलाकों में माहौल तनावपूर्ण बताया जा रहा है। इंटरनेट पाबंदियों और सख्त निगरानी के बीच सच्ची तस्वीर सामने आना मुश्किल हो रहा है, लेकिन डॉक्टर का यह दावा ईरान में चल रही सख्त कार्रवाई की गंभीरता को उजागर करता है।