Last Updated Sep - 30 - 2025, 05:52 PM | Source : Fela News
अफगानिस्तान में तालिबान ने सुरक्षा के नाम पर इंटरनेट ब्लैकआउट लागू किया। इससे संचार, शिक्षा और व्यापार प्रभावित हुए, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने अभिव्यक्ति की स्
अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने अचानक पूरे देश में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है। यह कदम लोगों और दुनिया के लिए हैरानी का कारण बना है।
तालिबान के अनुसार, यह ब्लैकआउट “सुरक्षा और नियंत्रण” के लिए लिया गया फैसला है। सरकारी और निजी संस्थानों के बीच संचार बाधित हो गया है, और आम लोग सोशल मीडिया और ऑनलाइन जानकारी तक पहुंच नहीं पा रहे। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम अफगानिस्तान में बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता और संभावित विरोध को रोकने के लिए उठाया गया है।
इस निर्णय के बाद आर्थिक और शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। व्यापारियों और छात्रों के लिए ऑनलाइन काम और पढ़ाई लगभग ठप हो गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर चिंता के रूप में देखा है।
तालिबान की यह कार्रवाई अब सवाल खड़े कर रही है कि क्या अफगानिस्तान में सामान्य जीवन जल्दी लौट पाएगा या देश लंबे समय तक डिजिटल तौर पर कट-ऑफ रहेगा।