Header Image

मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत को 95 लाख बैरल तेल भेजेगा रूस

मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत को 95 लाख बैरल तेल भेजेगा रूस

Last Updated Mar - 05 - 2026, 02:04 PM | Source : Fela News

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट के बीच रूस ने भारत को 95 लाख बैरल कच्चा तेल भेजने की तैयारी जताई है। भारत के पास सीमित भंडार है, ऐसे में यह कदम संभावित तेल सप्लाई संकट से राहत दे सकता है।
मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत को 95 लाख बैरल तेल भेजेगा रूस
मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत को 95 लाख बैरल तेल भेजेगा रूस

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के बीच रूस ने भारत को बड़ी राहत देने का संकेत दिया है। सूत्रों के मुताबिक रूस करीब 95 लाख बैरल कच्चा तेल भारत भेजने के लिए तैयार है। बताया जा रहा है कि रूसी तेल से भरे कुछ जहाज पहले से ही भारतीय समुद्री क्षेत्र के पास मौजूद हैं और आने वाले हफ्तों में भारत पहुंच सकते हैं। इससे भारत को संभावित सप्लाई संकट से राहत मिल सकती है।

पिछले कुछ महीनों में अमेरिका के दबाव और टैरिफ नीति के कारण भारत ने रूसी तेल की खरीद कुछ कम कर दी थी। जनवरी में रूस से तेल आयात घटकर लगभग 11 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया था, जो नवंबर 2022 के बाद सबसे कम स्तर था। हालांकि फरवरी में यह हिस्सेदारी फिर से बढ़कर करीब 30 प्रतिशत तक पहुंच गई।

अब जब मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं, रूस ने संकेत दिया है कि वह भारत की तेल जरूरतों का करीब 40 प्रतिशत तक हिस्सा पूरा करने में मदद कर सकता है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला भारत सरकार के मार्गदर्शन और अमेरिका के साथ चल रही व्यापार वार्ताओं को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।

तेल बाजार के जानकारों का कहना है कि फिलहाल स्थिति ‘सेलर्स मार्केट’ बन गई है। पहले रूस अंतरराष्ट्रीय कीमतों से कम दाम पर तेल बेच रहा था, लेकिन वैश्विक संकट के कारण अब छूट कम हो सकती है। इसके साथ ही रूस ने भारत को लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की आपूर्ति बढ़ाने की भी पेशकश की है।

दरअसल ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास हमलों की घटनाओं से वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल मची हुई है। इसका असर कई देशों की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ सकता है। ऐसे में रूस की यह पेशकश भारत के लिए अहम मानी जा रही है।

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल खरीदने वाला देश है और यहां रोजाना करीब 56 लाख बैरल कच्चा तेल रिफाइन किया जाता है। भारत के कुल तेल आयात का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर आता है। अगर यह मार्ग बाधित होता है तो भारत की सप्लाई पर सीधा असर पड़ सकता है। हाल ही में इस क्षेत्र में जहाजों पर हमलों की खबरों के बाद भारत ने वैकल्पिक सप्लाई की तलाश भी तेज कर दी है।

यह भी पढ़े 

बिना चेतावनी युद्धपोत पर हमला, अमेरिका को भुगतना पड़ेगा अंजाम

Share :

Trending this week

अमेरिका ने डुबोया वॉरशिप

Mar - 05 - 2026

ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच समुद्र म... Read More

मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत को 95 लाख बैरल तेल भेजेगा रूस

Mar - 05 - 2026

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल सप्लाई को लेकर अनिश्चि... Read More

अमेरिका को भुगतना पड़ेगा अंजाम

Mar - 05 - 2026

ईरान ने हिंद महासागर में उसके युद्धपोत फ्रिगेट IRIS Dena को ड... Read More