Last Updated Oct - 30 - 2025, 06:06 PM | Source : Fela News
छह साल बाद ट्रंप और जिनपिंग आमने-सामने, दुनिया की नजरें इस मुलाकात पर। सोयाबीन व्यापार बना केंद्र, सहयोग या टकराव—दोनों देशों के रिश्तों की नई दिशा तय करेगा।
करीब छह साल बाद पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात होने जा रही है। यह बैठक दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव को देखते हुए बेहद अहम मानी जा रही है, खासकर उस वक्त जब ट्रंप फिर से सत्ता में वापसी की कोशिशों में जुटे हैं और अमेरिकी किसान उनके लिए बड़ा वोट बैंक हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुलाकात में सोयाबीन और मक्का (कॉर्न) जैसे कृषि उत्पादों पर व्यापार को लेकर चर्चा हो सकती है। 2018 में शुरू हुए ट्रेड वॉर के दौरान चीन ने अमेरिकी कृषि आयात पर भारी टैरिफ लगा दिए थे, जिससे अमेरिकी किसानों को बड़ा नुकसान हुआ था। अब ट्रंप की प्राथमिकता चीन के साथ इन मसलों को सुलझाने की बताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप के लिए यह मुलाकात किसी सिरदर्द से कम नहीं होगी। एक तरफ उन्हें अमेरिकी किसानों की नाराजगी कम करनी है, तो दूसरी ओर चीन के साथ संबंधों में संतुलन बनाना भी चुनौती है।
दूसरी ओर, चीन भी अपने घरेलू उत्पादन में गिरावट के चलते सोयाबीन आयात बढ़ाने के मूड में है। ऐसे में यह बैठक दोनों देशों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकती है अगर ‘राजनीतिक अहम’ बीच में न आए।
अब देखना होगा कि ये मुलाकात 2018 जैसी ‘ट्रेड वॉर’ की यादें ताज़ा करती है या 2025 में कोई नया ‘ट्रेड पीस’ लाती है।