Last Updated Mar - 24 - 2026, 12:31 PM | Source : Fela News
US-Iran War: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि उसकी शर्तें पूरी होने तक लड़ाई जारी रहेगी। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान समझौते के लिए तैयार है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान के बाद ईरान की तरफ से कड़ा रुख सामने आया है। ट्रंप ने कहा था कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन अब ईरान के सैन्य सलाहकार मोहसेन रेज़ाई ने साफ कर दिया है कि उनकी शर्तें पूरी होने तक युद्ध जारी रहेगा।
रेज़ाई ने कहा कि ईरान किसी भी हालत में पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने तीन प्रमुख मांगें रखीं—पहली, युद्ध में हुए नुकसान का पूरा मुआवजा दिया जाए। दूसरी, ईरान पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं। और तीसरी, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह गारंटी दी जाए कि अमेरिका भविष्य में उनके आंतरिक मामलों में दखल नहीं देगा।
ईरान का रुख इस बार और ज्यादा सख्त नजर आ रहा है। रेज़ाई ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अब जवाब पहले जैसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह “आंख के बदले आंख” नहीं बल्कि “सिर के बदले सिर” जैसा जवाब होगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विरोधियों को खाड़ी क्षेत्र (गल्फ एरिया) छोड़ने के लिए मजबूर किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ईरान की सेना पूरी ताकत के साथ कार्रवाई कर रही है और लगातार ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं, ताकि युद्ध के दौरान दबाव बनाए रखा जा सके। उनके मुताबिक, ईरान इस संघर्ष को निर्णायक मोड़ तक ले जाने के लिए तैयार है।
ईरान ने इस युद्ध के बढ़ने के लिए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को जिम्मेदार ठहराया है। रेज़ाई का दावा है कि यह युद्ध एक हफ्ते पहले खत्म हो सकता था, क्योंकि अमेरिका इसके लिए तैयार था, लेकिन नेतन्याहू ने इसे जारी रखने का दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका को भी समझ आ गया है कि इस युद्ध में जीत का कोई स्पष्ट रास्ता नहीं है।
वहीं, दूसरी तरफ ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका की बातचीत ईरान के एक बड़े नेता से चल रही है। उन्होंने बताया कि अमेरिका के प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने एक ईरानी नेता से संपर्क किया है। हालांकि, उस नेता का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए थे, जिसके बाद इस युद्ध की शुरुआत हुई। अब यह संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है और दोनों पक्षों के बीच तनाव कम होने के कोई संकेत फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं।
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