Last Updated Oct - 11 - 2025, 04:07 PM | Source : Fela News
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चीन वैश्विक शक्ति बनकर पूरी दुनिया को अपने नियंत्रण में करना च
अमेरिका और चीन के बीच तनाव भले ही पुराना हो, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने एक बार फिर आग में घी डालने का काम किया है। ट्रंप ने अपने एक भाषण में चीन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “चीन दुनिया को बंदी बनाना चाहता है, लेकिन हम ऐसा कभी नहीं होने देंगे।”
ट्रंप ने कहा कि चीन अब सिर्फ आर्थिक नहीं बल्कि सामरिक और तकनीकी तौर पर भी वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते अमेरिका ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो आने वाले सालों में पूरी दुनिया चीन के प्रभाव में आ सकती है।
अपने संबोधन में ट्रंप ने मौजूदा अमेरिकी प्रशासन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “हम कमजोर नेतृत्व की वजह से चीन को बढ़त लेने दे रहे हैं। मुझे मौका मिला तो मैं चीन को उसकी जगह दिखा दूंगा।” उन्होंने चीन पर बौद्धिक संपदा चोरी, साइबर हमलों और वैश्विक व्यापार में अनुचित व्यवहार के भी आरोप लगाए
ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिकी राजनीति में हलचल मच गई है। रिपब्लिकन नेताओं ने उनके रुख का समर्थन किया, जबकि डेमोक्रेट्स ने कहा कि ट्रंप ऐसे बयानों से अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ा रहे हैं। वहीं, चीन की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान 2024 के अमेरिकी चुनावों से पहले उनकी सख्त विदेशी नीति की झलक है। वे एक बार फिर “अमेरिका फर्स्ट” के एजेंडे को लेकर वैश्विक स्तर पर चीन के खिलाफ मोर्चा खोलते दिख रहे हैं।