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ट्रंप की आकस्मिक वापसी और तेहरान को दिया तत्काल निकास का आदेश

ट्रंप की आकस्मिक वापसी और तेहरान को दिया तत्काल निकास का आदेश

Last Updated Jun - 17 - 2025, 12:59 PM | Source : Fela News

G7 समिट बीच में छोड़कर ट्रंप ने तेहरान के निवासियों को तुरंत इराक से सुरक्षित बाहर निकलने की चेतावनी दी।
ट्रंप की आकस्मिक वापसी
ट्रंप की आकस्मिक वापसी

G7 समिट में भाग लेने के लिए कनाडा पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक बैठक बीच में ही छोड़कर व्हाइट हाउस लौटने का फ़ैसला किया। इसके पीछे मुख्य कारण था इज़राइल और ईरान के बीच तेज़ होती उग्रता, जिसे ट्रंप ने गंभीर मानते हुए तत्काल प्रभाव से प्रतिक्रिया की आवश्यकता जताई  ।

समिट में ट्रंप ने G7 सदस्य राष्ट्रों के साथ इज़राइल-ईरान पर जारी बयान पर सहमति देने से इनकार कर दिया, इसमें इज़राइल के आत्म‑रक्षा अधिकार की संवर्धन और ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षा की निंदा की गई थी  । ट्रंप का कहना था कि वे इस मुद्दे पर G7 में एकजुट नहीं हो पा रहे हैं और इसलिए उन्हें वाशिंगटन में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों के लिए वापस जाना आवश्यक है  ।

व्हाइट हाउस की ओर से बताया गया कि ट्रंप की चेतावनी का केंद्र बिंदु था कि तेहरान के लगभग 10 मिलियन निवासियों को “फौरन” सुरक्षित स्थानों की ओर जाना चाहिए क्योंकि इज़राइली हवाई हमलों की संभावना बढ़ रही है  । इज़राइल भी अपने वायु क्षेत्र में प्रभुत्व बनाए रखने की घोषणा कर चुका है, और सभी प्रमुख रणनीतिक इलाकों में हवाई हमलों की तैयारी कर रहा है  ।

उनका यह कदम एक स्पष्ट संकेत था कि मध्य पूर्व के संकट का जिम्मा अब अमेरिका अपनी जिम्मेदारी के रूप में देख रहा है। साथ ही, उन्होंने इराक और इज़राइल संघर्ष को रोके रखने के लिएौतनी स्तर पर एस्केलेशन की चेतावनी दी और इस उद्देश्य के लिए G7 बयान पर सहमति ना देने का निर्णय भी उसी संदर्भ में आया  ।

ट्रंप ने G7 समिट बीच में छोड़ना इसलिए ज़रूरी समझा क्योंकि मध्य पूर्व में हालात बिगड़ते दिख रहे थे।

उन्होंने तेहरान में नागरिकों के तत्काल निकाले जाने की चेतावनी दी—10 मिलियन लोगों के लिए यह आदेश था।

G7 में ट्रंप के अलग रुख से वैश्विक नेताओं में विभाजन भी साफ दिखाई दिया।

व्हाइट हाउस ने एक बार फिर से अमेरिका की “ईरान को परमाणु हथियार नहीं विकसित कराने” की प्रतिबद्धता जताई  ।

यह कदम यह दर्शाता है कि ट्रंप प्रशासन ने एक राजनयिक मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा मसले के रूप में लिया है। अब देखना है कि तेहरान की जनता, इज़राइल-ईरान संघर्ष, और अमेरिका की प्रतिक्रिया—इनसे मध्य पूर्व और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर क्या असर पड़ता है।

 

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