Last Updated Feb - 25 - 2026, 01:45 PM | Source : Fela News
अमेरिका ने भारतीय सोलर उत्पादों पर 126 प्रतिशत तक प्रारंभिक आयात शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। रिपोर्ट के अनुसार जांच में भारत, इंडोनेशिया और अन्य देशों की कंपनियां निशाने पर बताई गई हैं।
अमेरिका में व्यापार नीति को लेकर एक बड़ा कदम सामने आया है, जिसमें भारतीय सौर उत्पादों पर भारी आयात शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने भारत से आने वाले सोलर उत्पादों पर 126 प्रतिशत तक प्रारंभिक आयात शुल्क तय किया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई एंटी-डंपिंग और सब्सिडी से जुड़े आरोपों की जांच के बाद सामने आई है।
मामले को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीतियों से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां अमेरिकी उद्योग को संरक्षण देने के लिए कड़े टैरिफ उपायों पर जोर दिया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक इस जांच में भारत के अलावा इंडोनेशिया और कुछ अन्य देशों की कंपनियां भी दायरे में आई हैं।
बताया जा रहा है कि अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने प्रारंभिक निष्कर्षों के आधार पर यह शुल्क प्रस्तावित किया है। हालांकि अंतिम निर्णय आगे की प्रक्रिया के बाद ही लागू होगा। सूत्रों के मुताबिक इस कदम का सीधा असर सौर ऊर्जा क्षेत्र के व्यापार पर पड़ सकता है, खासकर उन कंपनियों पर जो अमेरिकी बाजार में निर्यात करती हैं।
इस बीच विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के शुल्क से अमेरिकी घरेलू उद्योग को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाता है, जबकि निर्यातक देशों के लिए प्रतिस्पर्धा कठिन हो जाती है। वहीं दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि यदि शुल्क लागू होता है तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार भारत का सौर उत्पाद निर्यात वैश्विक बाजार में महत्वपूर्ण माना जाता है और अमेरिका एक बड़ा उपभोक्ता बाजार है। ऐसे में प्रस्तावित शुल्क भारतीय कंपनियों के लिए चुनौती पैदा कर सकता है।
कुल मिलाकर यह कदम वैश्विक व्यापार प्रतिस्पर्धा, ऊर्जा क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिस पर आगे की प्रक्रिया और अंतिम निर्णय पर नजर बनी हुई है।
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