Last Updated Mar - 06 - 2026, 12:12 PM | Source : Fela News
ईरानी अधिकारी के मुताबिक इजरायल और अमेरिका के हमलों में अब तक बच्चों सहित सैकड़ों नागरिकों की मौत हो चुकी है. उन्होंने बताया कि एक प्राथमिक स्कूल पर भी हमला किया गया, जिसमें सात से 12 साल तक के कई बच्चों की जान चली गई.
श्रीलंका के तट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में अमेरिकी पनडुब्बी के हमले से एक ईरानी युद्धपोत डूब गया. ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि जहाज पर किसी भी तरह के हथियार नहीं थे. उन्होंने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया.
बताया गया कि ईरानी जहाज ‘आईरिस देना’ भारत में हुए ‘मिलन’ बहुपक्षीय नौसैन्य अभ्यास में हिस्सा लेने के बाद ईरान लौट रहा था. इसी दौरान बुधवार तड़के उस पर हमला हुआ. श्रीलंकाई अधिकारियों के अनुसार इस हमले में कम से कम 87 ईरानी नाविकों की मौत हो गई.
ईरान के सुप्रीम लीडर के भारत में प्रतिनिधि अयातुल्ला डॉ. अब्दुल मजीद हकीमेलाही ने कहा कि अभ्यास खत्म होने के बाद नाविक अपने देश लौट रहे थे, तभी अमेरिका ने जहाज को निशाना बनाया. उन्होंने इसे मानवता, नैतिकता और न्याय के खिलाफ बताया.
हकीमेलाही ने यह भी कहा कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा था और ओमान में वार्ता चल रही थी. उनके मुताबिक बातचीत के दौरान ही अमेरिका ने हमला कर दिया.
उन्होंने दावा किया कि हाल के अमेरिका-इजरायल हमलों में बच्चों समेत सैकड़ों नागरिक मारे गए हैं. एक प्राथमिक स्कूल पर हुए हमले में सात से 12 साल के कई बच्चों की मौत हुई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरान के अस्पतालों और शहरों को भी निशाना बनाया गया है.
ईरानी अधिकारी ने कहा कि देश अपने बचाव के लिए लड़ रहा है और ईरानी जनता किसी भी तरह का अपमान सहन नहीं करेगी.
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