Last Updated Oct - 16 - 2025, 03:32 PM | Source : Fela News
पाकिस्तान के ‘धोखे’ के बाद तालिबान के अगले कदम पर सियासी और सुरक्षा विशेषज्ञों की नजरें टिकी हैं। क्षेत्रीय तनाव और अफगानिस्तान की स्थिरता पर संकट गहराया।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर है। खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान ने आखिरी मिनट में ऐसा कदम उठाया जिसने तालिबान को हैरान और नाराज़ दोनों कर दिया। अब सवाल ये है कि क्या तालिबान इस ‘धोखे’ का जवाब देगा, या हालात फिर किसी बड़ी जंग की ओर बढ़ने वाले हैं।
पिछले कुछ हफ्तों में पाकिस्तान ने अपने सीमावर्ती इलाकों में आतंकियों के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक कीं, जिनका असर अफगानिस्तान की सीमा तक गया। इस्लामाबाद का दावा है कि ये हमले टीटीपी यानी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के खिलाफ थे, लेकिन अफगान तालिबान का कहना है कि पाकिस्तान ने बिना सूचना के हमला कर सीमा पार शांति तोड़ी है। इस कदम को उन्होंने सीधा "विश्वासघात" बताया।
तालिबान नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान ऐसे हमले जारी रखता है, तो “जवाब ज़रूर मिलेगा।” अफगान मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों पक्षों की सीमाओं पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं और माहौल बेहद तनावपूर्ण है।
दिलचस्प बात यह है कि कभी पाकिस्तान ने ही तालिबान को मदद और पनाह दी थी। लेकिन अब वही संगठन पाकिस्तान के लिए खतरा बन गया है। विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान ने जिस आग को दशकों पहले जलाया था, अब वही लपटें उसके अपने घर तक पहुंच चुकी हैं।
कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ इस पूरे घटनाक्रम को दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए खतरनाक मान रहे हैं। उनका कहना है कि अगर तालिबान पलटवार करता है, तो यह संघर्ष सिर्फ सीमा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैला सकता है।
फिलहाल, काबुल और इस्लामाबाद दोनों में सन्नाटा है, लेकिन इस सन्नाटे के पीछे एक गहरी बेचैनी छिपी है। शायद आने वाले दिनों में यह तय होगा कि तालिबान इस बार सिर्फ शब्दों में जवाब देगा या मैदान में भी।