Last Updated Jun - 26 - 2025, 12:15 PM | Source : Fela News
ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई 13 जून के इजराइली हमले के बाद से एक बंकर में छिपे हुए हैं. 28 जून को शहीद सैनिकों के अंतिम संस्कार में उनके शामिल होने
हाल ही में इज़रायल और ईरान के बीच बेकाबू टकराव ने खमेनेई की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अयातुल्ला अली खमेनेई, जो 35 वर्षों से ईरान के सर्वोच्च नेता हैं, इस समय लगभग एक सप्ताह से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दे रहे हैं। इस गैर‑मौजूदगी ने उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और देश की राजनीतिक दिशा को लेकर कई अटकलों को जन्म दिया है ।
विश्लेषकों के अनुसार खमेनेई अब तेहरान के पूर्वोत्तर में एक सुरक्षित बंकर में हैं, जहाँ उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक संचार बंद कर रखी है और सभी संदेश भरोसेमंद सहयोगियों के जरिए भेज रहे हैं । अमेरिका और इज़रायल के हवाई हमलों, विशेषकर ईरान के नाभिकीय केंद्रों और कई उच्च सैन्य अधिकारियों की हत्या के बाद उनकी सुरक्षा तेज़ी से बढ़ाई गई है ।
इज़रायल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ ने साफ़ शब्दों में कहा है कि “खमेनेई अब और रहने वाले नहीं हैं” । इज़रायल की खुफिया एजेंसियाँ मॉसाड, सीमांत हमले और बंकर-डेवलपमेंट को नियंत्रित करने में शामिल हैं, और खमेनेईेज़ जीवन की रक्षा को लेकर उनकी टीम सतर्क है ।
एक रिपोर्ट के अनुसार, खमेनेई ने अपनी मौत की स्थिति में उत्तराधिकारी तय कर दिए हैं—इसके लिए उन्होंने तीन संभावित उम्मीदवारों का चयन कर रखा है, जो उनके मरने पर जल्दी बादशाहत संभाल सकें । इनमें उनका बेटा मोज़तबा भी शामिल हो सकते हैं, हालांकि अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है ।
कुल मिलाकर खमेनेई की गैर-मौजूदगी ने देश में असुरक्षा और राजनीतिक अनिश्चितता पैदा कर दी है। अमेरिकी और इज़राइली हमलों ने ईरानी आर्थिक-सैन्य क्षमताओं को कमजोर किया है, जिसका असर समाज और शासन दोनों पर गहराया है । राष्ट्रपति ट्रंप के मध्यस्थता प्रयासों और संयुक्त राष्ट्र की द्बारा मध्यस्थता प्रयासों के बावजूद वे पूरी तरह शांत नहीं दिख रहे हैं ।
इस कठिन समय में ईरानी जनता की आंखें उनके नेता के दुबारा सार्वजनिक रूप से दिखाई देने और सत्ताक्रम की स्पष्टता पर टिकी हैं। देश के अंदर विद्रोह की हल्की लहर भी नजर आ रही है, जैसा कि शिरिन एबादी जैसे आंदोलनकर्ताओं द्वारा भी जताया गया है ।
अब प्रश्न यह है कि बंकर में बैठे खमेनेई कब सामने आएंगे और उनका अगला कदम क्या होगा—क्या वे टकराव आगे बढ़ाएंगे या नियंत्रण के साथ पुनः संभाले जाएंगे? इस निर्णय का असर सिर्फ ईरान पर नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की राजनीति पर गहरा असर डालेगा।