Last Updated Feb - 26 - 2025, 11:45 AM | Source : Fela News
यूक्रेन और अमेरिका खनिज समझौते की शर्तों पर राज़ी हो गए हैं. यूक्रेन की राजधानी कीव में एक वरिष्ठ अधिकारी से जानकारी प्राप्त हुई है ।
अधिकारी ने पूरा ब्योरा न देते हुए बताया कि दोनों देश समझौते में महत्वपूर्ण संशोधनों के लिए सहमत हो गए हैं ताकि इसे पूरा किया जा सके।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने यूक्रेन के खनिजों से 500 अरब डॉलर की कमाई की प्रारंभिक शर्त छोड़ दी है।
हालांकि, समझौते के बदले अमेरिका ने यूक्रेन को सुरक्षा की गारंटी नहीं दी है, जो इस डील का एक प्रमुख बिंदु था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की इस सप्ताह वॉशिंगटन आकर इस डील पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। इससे पहले, दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया था।
ज़ेलेंस्की ने पहले ट्रंप के खनिज समझौते के प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज किया था कि वह 'अपने देश को नहीं बेचेंगे।'
यूक्रेन के पास दुर्लभ खनिजों का बड़ा भंडार है, जिनमें से कुछ क्षेत्र वर्तमान में रूस के कब्जे में हैं।
10 फरवरी को एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था,मैंने उनसे कह दिया है कि हमें $500 बिलियन के रेयर अर्थ मिनरल चाहिए। और वे इसके लिए लगभग मान गए हैं ।
इस इंटरव्यू के बाद ज़ेलेंस्की ने कहा था, "ये कोई गंभीर वार्तालाप नहीं था। मैं अपना देश नहीं बेच सकता।" ट्रंप ने कहा था कि यूक्रेन अमेरिका को अपने रेयर अर्थ मिनरल्स का इस्तेमाल करने दे, क्योंकि रूस के साथ युद्ध के दौरान जो बाइडन प्रशासन ने उसे अरबों डॉलर की मदद की थी।
ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका अब तक यूक्रेन को 300 से 500 अरब डॉलर की मदद कर चुका है। अमेरिका ने ज़ेलेंस्की को तानाशाह कहा और युद्ध शुरू करने के लिए रूस को नहीं बल्कि यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया था।
इस खनिज समझौते को रूस के खिलाफ यूक्रेन को अमेरिका का समर्थन जारी रखने की एक महत्वपूर्ण शर्त माना जा रहा है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि यह समझौता रूस के साथ यूक्रेन के युद्धविराम की दिशा में पहला कदम होगा।
मंगलवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि वे यूक्रेन के खनिजों तक अमेरिका की पहुंच में बाधा नहीं बनेंगे, जिसमें उन इलाकों के खनिज भी शामिल हैं, जिन पर रूस ने कब्जा कर रखा है।
हालांकि अमेरिका ने इस समझौते के बदले यूक्रेन को सुरक्षा की गारंटी नहीं दी, लेकिन माना जा रहा है कि इसके बाद युद्धविराम की कोशिशों में तेजी आ सकती है।