Last Updated Oct - 04 - 2025, 04:54 PM | Source : Fela News
ट्रंप सरकार के नए टैरिफ फैसलों के बाद भारत और ब्राजील ने साथ आने का फैसला किया है। दोनों देश अब डिफेंस, फार्मा और दुर्लभ खनिजों के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे,
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ के असर अब वैश्विक स्तर पर दिखने लगे हैं। इसी बीच भारत और ब्राजील ने अपने रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। दोनों देशों ने रक्षा उत्पादन, दवाइयों और दुर्लभ खनिजों के क्षेत्र में साझा सहयोग की घोषणा की है।
नई साझेदारी का मकसद है—अमेरिका और चीन पर बढ़ती निर्भरता को कम करना और विकासशील देशों के बीच आपसी ताकत बढ़ाना। रक्षा क्षेत्र में भारत ब्राजील को तकनीकी सहायता देगा, जबकि ब्राजील अपने एयरोस्पेस अनुभव और रक्षा उपकरणों के निर्माण में भारत के साथ काम करेगा। इससे दोनों देशों के लिए नए निवेश और रोजगार के अवसर भी खुलेंगे।
फार्मा सेक्टर में भारत पहले से ही ब्राजील को बड़ी मात्रा में जेनेरिक दवाएं निर्यात करता है। अब इस सहयोग को आगे बढ़ाते हुए दोनों देश मिलकर नई दवाओं के शोध और उत्पादन पर काम करेंगे। वहीं, दुर्लभ खनिजों के क्षेत्रमें साझेदारी भारत के लिए खास मायने रखती है, क्योंकि ब्राजील में लिथियम, कोबाल्ट और निकेल जैसे तत्वों के विशाल भंडार हैं, जो इलेक्ट्रॉनिक और रक्षा उद्योगों के लिए बेहद जरूरी हैं।
कूटनीतिक हलकों में इसे “रणनीतिक विस्तार” के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप टैरिफ नीति के बाद भारत और ब्राजील जैसे देशों के लिए यह साझेदारी वैश्विक आर्थिक संतुलन को नया आकार दे सकती है।
दोनों देशों ने संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में उच्चस्तरीय बैठकें होंगी, जिनमें निवेश, व्यापारिक नीति और तकनीकी सहयोग को लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे। कुल मिलाकर, ट्रंप के टैरिफ झटके ने भारत-ब्राजील को और करीब ला दिया है —और अब यह साझेदारी दोनों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए नया अध्याय खोल सकती है।