Last Updated Sep - 17 - 2025, 12:47 PM | Source : Fela News
रूस-बेलारूस सैन्य अभ्यास में भारत की उपस्थिति ने अमेरिका की चिंता बढ़ाई, क्योंकि इससे भारत की रणनीतिक कूटनीति और रूस के साथ सुरक्षा संबंधों में संभावित बदलाव का
भारत ने एक बार फिर अमेरिका की चिंता बढ़ा दी है। रूस और बेलारूस की संयुक्त मिलिट्री ड्रिल में भारतीय सैनिकों ने हिस्सा लिया, जिससे वॉशिंगटन की टेंशन साफ झलक रही है।
इस अभ्यास में खुद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी ग्राउंड-जीरो पर मौजूद रहे। भारत की भागीदारी को रूस के साथ उसके मजबूत रिश्तों का संकेत माना जा रहा है। पश्चिमी देशों को यह कदम इसलिए खटक रहा है क्योंकि वे रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर पहले ही भारत से दूरी बनाने की अपील कर चुके हैं।
भारत का कहना है कि उसका मकसद किसी पक्ष का समर्थन करना नहीं, बल्कि मिलिट्री कोऑपरेशन और ट्रेनिंग बढ़ाना है। हालांकि, अमेरिका और उसके सहयोगियों को यह संदेश साफ है कि भारत रणनीतिक मामलों में अपनी स्वतंत्र नीति पर ही आगे बढ़ रहा है।