Last Updated Jan - 07 - 2026, 03:23 PM | Source : Fela News
अमेरिकी टैरिफ और रूसी तेल विवाद के बीच डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने भारत-अमेरिका रिश्तों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सार्वजनिक बयान में कहा कि उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे खुश नहीं हैं। ट्रंप का यह बयान उस समय आया है, जब भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने और अमेरिका की टैरिफ नीति को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेदों की चर्चा चल रही है। ट्रंप ने माना कि कुछ फैसलों की वजह से भारत के साथ रिश्तों में असहजता आई है।
ट्रंप ने कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार फैसले लेता है और रूस से तेल खरीदना भी उसी का हिस्सा है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका चाहता था कि भारत इस मुद्दे पर अलग रुख अपनाए। ट्रंप के मुताबिक, इसी वजह से प्रधानमंत्री मोदी उनसे नाराज हो सकते हैं और उन्हें अब यह अहसास हो रहा है कि रिश्तों में संतुलन बनाए रखना जरूरी था।
इस बयान को अमेरिकी टैरिफ नीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। ट्रंप के कार्यकाल में भारत पर कुछ उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाए गए थे, जिससे व्यापारिक रिश्तों में खटास आई थी। ट्रंप ने संकेत दिए कि उस समय लिए गए कुछ फैसले शायद भारत के नजरिए से ठीक नहीं थे और अब वह इसे एक गलती के रूप में देख रहे हैं।
भारत सरकार की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि भारत ने हमेशा अपनी विदेश नीति को स्वतंत्र रखा है। चाहे वह रूस से तेल खरीद का मामला हो या अमेरिका के साथ व्यापार, भारत ने हर कदम अपने आर्थिक और रणनीतिक हितों को ध्यान में रखकर उठाया है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप का यह बयान दरअसल भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत को भी दिखाता है। अमेरिका अब यह समझने लगा है कि भारत को दबाव में नहीं रखा जा सकता और रिश्ते बराबरी के आधार पर ही आगे बढ़ सकते हैं। आने वाले समय में भारत-अमेरिका संबंध किस दिशा में जाएंगे, यह वैश्विक राजनीति के लिए भी अहम होगा।