Last Updated Dec - 10 - 2025, 11:46 AM | Source : Fela News
राहुल गांधी ने आरएसएस पर संस्थानों पर कब्ज़ा करने का आरोप लगाया, जिसके बाद स्पीकर ने उन्हें मुद्दे पर बने रहने की सलाह दी।
लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान मंगलवार (9 दिसंबर 2025) को माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। विपक्ष के नेता राहुल गांधी जब संस्थाओं की स्वतंत्रता और उन पर राजनीतिक दखल की बात कर रहे थे, तभी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और सदन में हंगामा शुरू हो गया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश के अहम संस्थानों में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ रहा है और विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति योग्यता के बजाय विचारधारा देखकर की जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनावी फायदे के लिए सरकारी सिस्टम का दुरुपयोग हो रहा है, जो लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है।
स्पीकर की चेतावनी
राहुल की टिप्पणियों पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए ओम बिड़ला ने कहा कि चर्चा सिर्फ चुनाव सुधारों पर है, इसलिए किसी संगठन पर टिप्पणी करना विषय से भटकना है। उन्होंने राहुल को चेतावनी दी कि आसन को चुनौती न दें और बात मुख्य मुद्दे तक सीमित रखें।
सत्ता पक्ष की आपत्ति
राहुल का बयान शुरू होते ही बीजेपी सांसदों ने विरोध जताया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि चुनाव सुधारों की चर्चा में अनावश्यक बातें उठाई जा रही हैं और इससे सदन का समय खराब हो रहा है।
राहुल गांधी की नाराज़गी
बार-बार रोके जाने पर राहुल गांधी ने कहा कि उनकी आवाज़ दबाई जा रही है। उन्होंने नाराज़ होकर कहा कि “क्या मैं सदन छोड़कर चला जाऊं?” राहुल का कहना था कि वे चुनाव आयोग की निष्पक्षता और संस्थाओं की स्थिति पर बोलना चाहते हैं, लेकिन सत्ता पक्ष उन्हें रोक रहा है।
चुनाव आयोग पर सवाल
राहुल गांधी ने आगे कहा कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को लेकर लोगों के मन में सवाल बढ़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि निर्णय लेने की प्रक्रिया अब उतनी पारदर्शी नहीं रह गई और लोकतांत्रिक ढांचे पर दबाव बढ़ रहा है।
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