Last Updated Mar - 11 - 2026, 01:23 PM | Source : Fela News
Cyber Fraud: तेलंगाना में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। ऑपरेशन क्रैकडाउन 1.0 के तहत पुलिस ने 208 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बैंक कर्मचारी, इंजीनियर, लेक्चरर और छात्र भी शामिल बताए जा रहे हैं।
तेलंगाना में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। राज्य में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तेलंगाना स्टेट साइबर सेफ्टी ब्यूरो ने 208 लोगों को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में 15 महिलाएं भी शामिल हैं। इनमें बैंक कर्मचारी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, लेक्चरर और छात्र जैसे अलग-अलग पेशों से जुड़े लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं।
साइबर सुरक्षा ब्यूरो ने इस अभियान को “ऑपरेशन क्रैकडाउन 1.0” नाम दिया है, जिसे 25 फरवरी से शुरू किया गया था। इस अभियान के दौरान राज्यभर में साइबर ठगी से जुड़े 1,549 एफआईआर दर्ज किए गए और 626 संदिग्धों की पहचान की गई। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए ज्यादातर लोग तथाकथित म्यूल बैंक अकाउंट चला रहे थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधियों द्वारा अवैध पैसों के लेन-देन के लिए किया जाता था। जांच में सामने आया कि आरोपी अपने बैंक खातों को साइबर ठगों को इस्तेमाल करने देते थे और बदले में हर ट्रांजैक्शन पर करीब 5 प्रतिशत तक कमीशन लेते थे।
कैसे काम करता था यह नेटवर्क?
अधिकारियों के अनुसार इस गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा और कई वर्गों तक फैला हुआ था। गिरफ्तार आरोपियों में बैंक ऑफ महाराष्ट्र और जुबली हिल्स मर्चेंट कोऑपरेटिव बैंक के दो बैंक कर्मचारी भी शामिल हैं। इनके अलावा निजी कंपनियों के कर्मचारी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, दो लेक्चरर और बिजली विभाग का एक सरकारी कर्मचारी भी गिरफ्तार किया गया है। जांच में यह भी पता चला कि कुछ आरोपी फर्जी पहचान, नकली केवाईसी दस्तावेज और प्रॉक्सी मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर ऑनलाइन बैंक खाते खुलवा रहे थे। इन खातों के जरिए साइबर अपराधी तेजी से एक खाते से दूसरे खाते में पैसा ट्रांसफर कर देते थे और अपनी पहचान छिपा लेते थे।
137 बैंक शाखाओं में छापेमारी
इस बड़े अभियान के तहत पुलिस ने राज्य की 137 बैंक शाखाओं में एक साथ छापेमारी की। करीब 512 पुलिसकर्मियों की 137 टीमों ने मिलकर 1,888 संदिग्ध बैंक खातों की जांच की। ये खाते देशभर में दर्ज 9,451 साइबर अपराध मामलों से जुड़े पाए गए, जिनमें लगभग 100 करोड़ रुपये की ठगी का अनुमान लगाया गया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 63 मोबाइल फोन, 208 बैंक पासबुक और 208 चेकबुक भी जब्त किए हैं। एक मामले में वारंगल में आरोपी ने साइबर ठगी के पैसे अपने परिवार के सदस्यों के खातों के जरिए ट्रांसफर किए थे।
बैंकों को भी दी चेतावनी
अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई उन लोगों के लिए कड़ा संदेश है जो अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को किराए पर देते हैं। ऐसे लोगों को भी कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। साइबर सेफ्टी ब्यूरो ने बैंकों से अपील की है कि केवाईसी प्रक्रिया और निगरानी प्रणाली को और मजबूत किया जाए, ताकि इस तरह के साइबर अपराधों पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सके।
यह भी पढ़े