Last Updated Feb - 16 - 2026, 03:32 PM | Source : Fela News
गुवाहाटी में एक कलाकार ने जर्जर यूनिवर्सिटी दीवार को शानदार म्यूरल में बदल दिया. हिरण की खूबसूरत पेंटिंग और प्रकृति के मेल ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया.
अक्सर शहरों और यूनिवर्सिटी कैंपस की पुरानी और जर्जर दीवारें लोगों की नजरों में उपेक्षित रहती हैं. टूटी सतह, उखड़ा हुआ रंग और दरारें किसी भी जगह की सुंदरता को कम कर देती हैं. लेकिन असम के गुवाहाटी में एक कलाकार ने ऐसी ही एक पुरानी और बदहाल दीवार को अपनी रचनात्मकता से ऐसा नया जीवन दे दिया कि अब वही दीवार लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई है. यह अनोखी कलाकृति सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है और लोग इसे स्ट्रीट आर्ट का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं.
यह म्यूरल गुवाहाटी की एक यूनिवर्सिटी कैंपस की दीवार पर बनाया गया है. जहां पहले दीवार की हालत बेहद खराब थी. पेंट उखड़ चुका था और दरारें साफ नजर आती थीं. लेकिन कलाकार ने इसी दीवार को अपनी कला के कैनवास के रूप में चुना और उस पर एक सुंदर हिरण की पेंटिंग बना दी. लाल रंग में तैयार किया गया यह हिरण आराम करती मुद्रा में दिखाई देता है. हिरण की आंखों में दिखाई देने वाली मासूमियत और उसके शरीर की बारीक डिटेलिंग इस पेंटिंग को बेहद जीवंत बना देती है.
इस कलाकृति की सबसे खास बात यह है कि कलाकार ने आसपास के प्राकृतिक तत्वों को भी अपनी पेंटिंग का हिस्सा बना दिया. दीवार के पास खड़ा एक बड़ा पेड़ इस म्यूरल का अभिन्न हिस्सा बन गया है. पेड़ का तना और उसकी शाखाएं इस तरह दिखाई देती हैं जैसे वह हिरण को प्राकृतिक छाया दे रहे हों. इससे यह पेंटिंग सिर्फ एक चित्र नहीं बल्कि कला और प्रकृति का एक सुंदर संगम बन गई है. यही कारण है कि यह म्यूरल देखने वालों के लिए बेहद खास और आकर्षक बन गया है.
इस म्यूरल को बनाने वाले कलाकार भेजाल ने इसकी पूरी प्रक्रिया का वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक साधारण और टूटी दीवार धीरे-धीरे एक शानदार कलाकृति में बदल जाती है. कलाकार ने धैर्य और बारीकी से हर स्ट्रोक लगाया, जिससे यह पेंटिंग बेहद वास्तविक और प्रभावशाली दिखाई देती है. यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और हजारों लोगों ने कलाकार की प्रतिभा की जमकर तारीफ की.
सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि इस तरह की कला न केवल दीवारों की सुंदरता बढ़ाती है, बल्कि शहर की पहचान और सांस्कृतिक छवि को भी मजबूत करती है. कई लोगों ने इसे प्रेरणादायक बताया और कहा कि कला के जरिए किसी भी साधारण चीज को असाधारण बनाया जा सकता है.
यह घटना इस बात का शानदार उदाहरण है कि रचनात्मकता और कला में वह शक्ति होती है, जो किसी भी उपेक्षित स्थान को नई पहचान दे सकती है. गुवाहाटी की यह दीवार अब सिर्फ एक दीवार नहीं रही, बल्कि यह कला, कल्पना और सकारात्मक सोच का प्रतीक बन गई है.
यह भी पढ़े
May - 18 - 2026
Copper Bottle Mistakes: आजकल कॉपर यानी तांबे की बोतल में पानी पीना हेल्... Read More
May - 18 - 2026
How To Get Glowing Skin Naturally: पूरे हफ्ते की भागदौड़, धूल-मिट्टी, तेज धूप औ... Read More
May - 16 - 2026
Milk Tea Or Black Tea Benefits : हममें से ज्यादातर लोग अपने दिन की शुरुआत एक ... Read More