Last Updated Feb - 27 - 2026, 04:01 PM | Source : Fela News
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सीमा संघर्ष के बीच पाकिस्तानी बलों द्वारा सैन्य चौकियों पर हवाई हमलों और ड्रोन हमलों की खबरों से क्षेत्र में हालात और बिगड़े हैं.
अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव एक बार फिर गंभीर रूप ले रहा है, जहां दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव और हमलों की श्रृंखला जारी है। रिपोर्ट के अनुसार अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि इस्लामाबाद, एबटाबाद, नौशेरा और जमरूद जैसे स्थानों पर स्थित पाकिस्तानी सैन्य चौकियों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए गए हैं। इस हमले से सीमा पर खलबली मची और सुरक्षा हालात गंभीर बने हैं।
नौशेरा क्षेत्र में भी ड्रोन हमलों को लेकर अफगान पक्ष ने आरोप लगाए हैं कि पाकिस्तानी पक्ष ने छोटे-मोटे ड्रोन और हवाई टैक्निक्स का इस्तेमाल करके सैन्य चौकियों पर हमला किया। इन हमलों की पुष्टि स्थानीय सुरक्षा सूत्रों ने की है, लेकिन दोनों देशों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए स्थिति और जटिल बना दी है।
पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से भी यह कहा गया है कि वे अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए प्रतिक्रिया दे रहे हैं। पाकिस्तान के बयान में दावा किया गया है कि अफगान सेना ने “अनप्रोवोक्ड” यानी बिना उकसावे के पाकिस्तानी चौकियों पर गोलीबारी और ड्रोन हमलों को अंजाम दिया, जिस पर वे जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं। बयान में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 133 अफगान तालिबान लड़ाकों को मार गिराया और कई चौकियों को नष्ट किया है।
वहीं अफगान पक्ष का दावा है कि उसने पाकिस्तान के हवाई हमलों के जवाब में 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और 19 चौकियों को कब्जे में लिया गया है। दोनों देशों के दावों में भारी अंतर है, लेकिन यह साफ़ संकेत है कि सीमा पर संघर्ष और बढ़ चुका है और दोनों पक्ष अब खुले रूप से जवाबी हमले कर रहे हैं।
यह तनाव सीमा पर पहले से जारी संघर्ष की पृष्ठभूमि में आया है, जहां पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सुरक्षा, आतंकवाद और सीमा नियंत्रण को लेकर मतभेद लंबे समय से चले आ रहे हैं। हाल के सप्ताहों में दोनों देशों के बीच सीਮਾ पार हवाई हमले, गोलीबारी और ड्रोन हमले जैसे कई घटनाक्रम सामने आए हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
इस समझौते या शांतिपूर्ण समाधान के विकल्प की तलाश के बावजूद दोनों पक्ष फिलहाल अपने-अपने दावों पर अड़े हुए हैं और सीमा पर तनाव के बीच स्थानीय नागरिकों तथा सुरक्षा बलों की सुरक्षा चिंता का विषय बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि त्वरित कूटनीतिक वार्ता शुरू नहीं होती है, तो यह तनाव और बढ़ सकता है।
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