Last Updated Dec - 05 - 2025, 03:41 PM | Source : Fela News
पाकिस्तान ने जनरल आसिम मुनीर को चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) बना दिया है. इस पद के साथ अब मुनीर को देश की तीनों सेनाओं पर पूरी कमान मिल गई है.
पाकिस्तान ने अपनी सैन्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए जनरल आसिम मुनीर को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) नियुक्त किया है. आदेश जारी होते ही मुनीर अब थल सेना, वायु सेना और नौसेना—तीनों के संयुक्त प्रमुख बन गए. पद संभालने के बाद उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बदलाव के दौर से गुजर रहा है और हालात धीरे-धीरे सुधर रहे हैं.
यह फैसला कैसे आया?
जियो न्यूज के अनुसार, इस नए पद पर काफी समय से चर्चा चल रही थी. नवाज़ शरीफ, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति जरदारी के बीच देर रात हुए समझौते के बाद यह नियुक्ति हुई. माना जा रहा है कि नवाज़ शरीफ की राजनीतिक रणनीति और सेना का शीर्ष नेतृत्व मजबूत रखना—दोनों कारण इस फैसले के पीछे रहे. मुनीर को 5 साल का कार्यकाल दिया गया है, जो दिखाता है कि पाकिस्तान आने वाले समय में एकीकृत सैन्य कमान मॉडल अपनाना चाहता है.
यह नया ढांचा क्यों बनाया गया?
सरकार का कहना है कि पाकिस्तान कई मोर्चों पर सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है—अफगान सीमा, टीटीपी का खतरा, बलूचिस्तान में बढ़ते हमले और भारत के साथ तनाव। ऐसे माहौल में तीनों सेनाओं को एक कमान के अंतर्गत लाना जरूरी हो गया था, ताकि फैसले तेज़ी से लिए जा सकें और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा सके.
जनरल मुनीर की पहली चुनौतियां
CDF बनते ही मुनीर अब पाकिस्तान की पूरी सैन्य रणनीति तय करेंगे. माना जा रहा है कि वे भारत के मामलों में सख्त रुख अपना सकते हैं. इसके साथ ही तालिबान और टीटीपी के खिलाफ अभियान तेज करना भी उनकी बड़ी जिम्मेदारी होगी. देश के भीतर आर्थिक संकट, राजनीतिक तनाव और सुरक्षा हालात बिगड़ने के कारण सेना पर दबाव बढ़ा हुआ है.
भारत पर इसका क्या असर हो सकता है?
भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इस बदलाव पर नज़र रखे हुए हैं. जनरल मुनीर को सख्त रणनीति अपनाने वाला अधिकारी माना जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान घरेलू राजनीति में मजबूती दिखाने के लिए भारत विरोधी रुख बढ़ा सकता है, जिससे एलओसी पर गतिविधियां या तनाव बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
यह भी पढ़े