Header Image

पाकिस्तान वार्ता फेल, फिर भी ट्रंप ने शहबाज-मुनीर की तारीफ

पाकिस्तान वार्ता फेल, फिर भी ट्रंप ने शहबाज-मुनीर की तारीफ

Last Updated Apr - 13 - 2026, 10:39 AM | Source : Fela News

US Iran Peace Talks failed: डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के पीएम और मुनीर की जमकर तारीफ की, उन्हें असाधारण बताया और दावा किया कि भारत संग तनाव में उन्होंने लाखों लोगों की जान बचाने में भूमिका निभाई।
फिर भी ट्रंप ने शहबाज-मुनीर की तारीफ
फिर भी ट्रंप ने शहबाज-मुनीर की तारीफ

पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच हुई अहम शांति वार्ता पूरी तरह विफल हो गई है, लेकिन इसके बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की जमकर तारीफ की है। ट्रंप के इस रुख ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि इस्लामाबाद में हुई बैठक बेहद सक्षम नेतृत्व में आयोजित की गई। उन्होंने शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर को “असाधारण व्यक्ति” बताते हुए उनकी भूमिका की सराहना की। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि दोनों नेता भारत के साथ संभावित युद्ध को रोकने में उनकी भूमिका के लिए उन्हें लगातार धन्यवाद देते हैं।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव को खत्म करने के लिए हुई बातचीत किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। इस वार्ता को लेकर दोनों देशों ने एक-दूसरे पर असफलता का ठीकरा फोड़ा है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस, जिन्होंने इस वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, ने साफ कहा कि समझौता नहीं हो सका और इसका असर ईरान के लिए ज्यादा गंभीर हो सकता है।

ट्रंप ने अपने बयान में एक बार फिर यह दावा दोहराया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित बड़े युद्ध को टालने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष लाखों लोगों की जान ले सकता था, लेकिन उनके प्रयासों से इसे रोका गया। हालांकि भारत ने इस दावे को कई बार खारिज किया है और स्पष्ट किया है कि युद्धविराम का फैसला द्विपक्षीय स्तर पर लिया गया था।

दरअसल, पिछले साल 7 मई को भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। 10 मई को युद्धविराम की घोषणा की गई थी। तब से ट्रंप कई बार इस शांति का श्रेय खुद को देते रहे हैं, लेकिन नई दिल्ली लगातार उनके दावे को नकारती रही है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक और अहम पहलू यह है कि जहां एक तरफ अमेरिका-ईरान वार्ता विफल रही, वहीं ट्रंप का पाकिस्तान के नेतृत्व की तारीफ करना कई सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान कूटनीतिक संतुलन बनाने की कोशिश भी हो सकता है या फिर क्षेत्रीय राजनीति में अमेरिका की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

दूसरी ओर, उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए संकेत दिए हैं कि अगर बातचीत से समाधान नहीं निकला, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति ईरान के लिए ज्यादा चुनौतीपूर्ण है।

कुल मिलाकर, एक तरफ शांति वार्ता की विफलता ने तनाव बढ़ा दिया है, तो दूसरी तरफ ट्रंप के बयानों ने भारत, पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि यह कूटनीतिक समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ता है।

यह भी पढ़े 

चीन ईरान को एयर डिफेंस देगा, अमेरिका क्यों परेशान?

Share :

Trending this week

ईरान का ट्रंप पर बड़ा हमला

May - 28 - 2026

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिलहाल कम होता नजर नहीं आ रहा... Read More

ईरान के दावे से मचा हड़कंप

May - 27 - 2026

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब खुली धमकियों तक पहु... Read More

अमेरिका ने बदले ग्रीन कार्ड नियम

May - 23 - 2026

अमेरिका में ग्रीन कार्ड को लेकर नियम अब पहले से ज्यादा स... Read More