Last Updated Feb - 21 - 2026, 04:39 PM | Source : Fela News
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ मामले में नील कत्याल की दलीलें चर्चा में। रिपोर्ट के अनुसार उनके तर्कों ने डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को चुनौती दी।
अमेरिका में टैरिफ से जुड़े मामले को लेकर कानूनी बहस के बीच भारतीय मूल के वकील Neal Katyal का नाम सुर्खियों में है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की टैरिफ नीतियों के खिलाफ मजबूत दलीलें पेश कीं, जिसके बाद मामला व्यापक चर्चा का विषय बन गया।
बताया जा रहा है कि कत्याल अमेरिका के प्रमुख संवैधानिक वकीलों में गिने जाते हैं और पहले भी कई हाई-प्रोफाइल मामलों में अपनी पैरवी के लिए जाने जाते रहे हैं। इस मामले में उन्होंने अदालत के सामने यह सवाल उठाया कि राष्ट्रपति को आपातकालीन आर्थिक शक्तियों के तहत टैरिफ लगाने का अधिकार किस सीमा तक है। रिपोर्ट के मुताबिक उनकी दलीलों ने कानूनी अधिकारों और प्रक्रियाओं की व्याख्या को लेकर महत्वपूर्ण बहस खड़ी की।
सूत्रों के अनुसार कत्याल ने अदालत में यह तर्क रखा कि कार्यपालिका द्वारा लिए गए फैसलों की संवैधानिक समीक्षा जरूरी है। इस बीच अदालत में सुनवाई के दौरान उनके प्रस्तुत तर्कों और कानूनी व्याख्याओं को निर्णायक माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर ट्रंप प्रशासन की ओर से अपने फैसलों को उचित ठहराने की कोशिश की गई।
रिपोर्ट के मुताबिक नील कत्याल का पेशेवर करियर काफी व्यापक रहा है। वे पहले अमेरिकी सरकार के सॉलिसिटर जनरल भी रह चुके हैं और सुप्रीम कोर्ट में कई मामलों की पैरवी कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें जटिल संवैधानिक मुद्दों पर विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है, जिसके कारण बड़े मामलों में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है।
इस बीच टैरिफ विवाद को लेकर Supreme Court of the United States का फैसला अंतरराष्ट्रीय व्यापार और अमेरिकी नीतियों पर असर डाल सकता है। फिलहाल इस मामले में कत्याल की भूमिका और उनके तर्कों की चर्चा कानूनी और राजनीतिक हलकों में जारी है, जबकि आगे की प्रक्रिया पर भी नजर बनी हुई है।
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